
*आदिवासियों की बेदखली और जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर भाकपा(माले) का उग्र प्रदर्शन*
*आदिवासियों की बेदखली और जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर भाकपा(माले) का उग्र प्रदर्शन*
चन्दौली अविनाश तिवारी ब्यूरो
नौगढ़ दुर्गा मंदिर से उप जिलाधिकारी कार्यालय तक भाकपा(माले) और खेग्रामस के बैनर तले पचासों आदिवासियों व मजदूरों ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बुलडोजर कार्रवाई रोकने और पुश्तैनी निवासियों को भूमि का पट्टा देने की मांग की।और राज गोंड, चेरो और पनिका जातियों को तत्काल अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाए। वन और सरकारी भूमि के नाम पर गरीबों व आदिवासियों के घरों पर चल रहे बुलडोजर पर रोक लगे और वन अधिकार कानून के तहत पट्टा मिले। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ एसआईआर को रद्द करने की आवाज उठाई गई।
भाकपा(माले) जिला सचिव अनिल पासवान ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है और जब तक आदिवासियों को उनका हक नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। खेग्रामस के रामेश्वर प्रसाद और ब्लॉक सचिव पतालु गोंड ने स्थानीय प्रशासन की उदासीनता और राशन में कथित ‘प्लास्टिक चावल’ मिलने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उपजिलाधिकारी पवन कुमार यादव ने भाकपा माले का मांग पत्रक लेकर विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
प्रदर्शन में मुन्नी गोंड, संगीता देवी, शिवनारायण खरवार और बहादुर कोल सहित कई प्रमुख लोग शामिल रहे।











