
*सलखन प्राथमिक स्वास्थ्य पर लगा सौर उर्जा 8 वर्षो से बना महज शो पीस,सवालों के घेरे में विभाग की चुप्पी*
*सलखन प्राथमिक स्वास्थ्य पर लगा सौर उर्जा 8 वर्षो से बना महज शो पीस,सवालों के घेरे में विभाग की चुप्पी*
•~ महिलाओं को प्रसव कराने के लिए विद्युत के अभाव में मोमबत्ती व मोबाइल टार्ज का लेना पड़ता हैं सहारा
•~ भीषण गर्मी,तपन में अघोषित विद्युत कटौती से मरीज,कर्मचारी, स्टाप हुए बेहाल,प्रसव से पीड़ित महिलाओं के लिए बनी कठिन समस्या
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।सदर विकास खण्ड के सलखन न्याय पंचायत क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के गरीब निरीह महिला पुरुष बच्चों के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधा के नाम से नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सलखन तकरीबन आठ वर्षो से तो संचालित कर तो दिया गया है,लेकिन उसी समय से लाखों रुपये की लागत से सौर ऊर्जा भी लगया गया जो 8 वर्षो से तकनीकी कमियों के कारण महज शो पीस बन कर रह गया है।जो इन दिनो भीषण तपन उमस गर्मी में जबरदस्त अघोषित विद्युत कटौती से महिला पुरुष बच्चे मरीज के साथ समस्त स्टाप भी गर्मी से बेहाल हो रहे हैं।वहीं चोट चपेट, गश्त खाकर घायल मरीजों के साथ महिला प्रसव के दौरान में रात के अंधेरों में इलाज के लिए विकट समस्या है वहीं बिजली के अभाव में पानी की सप्लाई न होने से पीने के पानी को लेकर महिलाओ पुरुषों को सुलभ शौचालय की भी समस्या हो गई है।
इस सम्बंध में क्षेत्रीय प्रबुद्ध ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों समेत जिला मुख्य चिकित्साधिकारी सोनभद्र को दर्जनों बार अवगत कराया जा चुका है इसके बावजूद भी मुख्य चिकित्सा विभाग सोनभद्र मौन बना हुआ है।जो तमाम सवाल खड़ा करता है
पूर्व महिला स्टाफ ने बताया कि रात के अधेरों मे सड़क
दुर्घटनाओं में घायलो को मलहम पट्टी के साथ महिलाओं को प्रसव कराने के लिए बिजली के अभाव में मोमबत्ती व मोबाइल टार्ज का सहारा लेना पड़ता हैं।इस सम्बंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सलखन अरविंद सिंह गौड़ गुलाब चंन्द्रा भारती,राघवेंन्द्र भारती,नारद,भोला जायसवाल,पप्पू संजय,विजय कुमार इत्यादि लोगों ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों समेत जिलाधिकारी से अविलंब ही स्थलीय निरीक्षण कर उचित कार्यवाही करने की मांग किया है। जो जनहित में हैं।











