
*गुरमा केआदिवासी मझियान बस्ती में दो नवयुवकों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से शोक की लहर*
*गुरमा केआदिवासी मझियान बस्ती में दो नवयुवकों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से शोक की लहर*
•~ दुर्घटना में मृतक नवयुवको के परिजनों के सामने आर्थिक की विकट समस्या
*अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा,सोनभद्र।चुर्क-गुरमा नगर पंचायत क्षेत्र वार्ड नं.दो गुरमा के आदिवासी मझियान बस्ती निवासी विकास पुत्र अजय सिंह गोंड़ और मनीष पुत्र मगरु गोंड़ दोनो नवयुवकों का रविवार की रात तकरीबन 8:00 बजे सड़क दुर्घटना में आकास्मिक मौत से पूरे बस्ती समेत आस पास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई।दोनो का शव सोमवार को मारकुंडी ग्राम पंचायत के बैराज बांध स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गरीब आदिवासी परिवार के मेहनत मजदूरी कर जीवकोपार्जन करने वाले दोनो युवको की मौत से परिवार के सामने आर्थिक की विकट समस्या खड़ी हो गई है,जबकि विशाल दो भाई एक बहन और माता पिता के साथ मेहनत मजदूरी कर जीवकोपार्जन करता था।अब एक भाई और पिता ही मेहनत मजदूरी करके घर परिवार का खर्चा करने के लिए विवश हो गयें हैं।वहीं दूसरा नवयुवक दो भाई अंशु 16 वर्ष और मिथलेश 13 वर्ष व बहन रेखा 6 वर्ष के साथ माता पिता के सामने भी आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है।सिर्फ पिता ही मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने
के लिए विवश हो गया है।पूरा परिवार शोकाकुल तथा रो-रो कर उनका बुरा हाल है। इस दुर्घटना के पश्चात से आदिवासी बस्ती समेत आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक नवयुवको के घर सांत्वना देने वालों की सुबह से ही काफी भीड़ लगी हुई थी तथा लोगों ने मृतक आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि नगर पंचायत चुर्क-गुरमा से कोई भी जनप्रतिनिधि भी मृतक परिजन के घर ढांढस/आश्वासन देने नहीं पहुंचा लेकिन वहीं पर ग्राम पंचायत मारकुंडी के ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव दुर्घटना वाले दिन से ही अंत्येष्टि स्थल के साथ-साथ घर पर सुबह से शाम तक मौजूद रहे जिसकी नगरवासियों समेत ग्राम पंचायत मारकुंडी के लोगों ने भूरी- भूरी प्रशंसा व्यक्तित्व की है











