*कभी गूंजती थीं बंदूकें, अब गूंज रहे ‘जय श्रीराम’ के जयकारे!*

*कभी गूंजती थीं बंदूकें, अब गूंज रहे ‘जय श्रीराम’ के जयकारे!*

•~ शांतिपूर्ण आयोजन के लिए ग्राम प्रधान राजेश गौड़ ने पुलिस प्रशासन से मांगी सुरक्षा व्यवस्था

*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*

गुरमा,सोनभद्र। कभी नक्सली गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कनछ-कन्हौरा क्षेत्र में अब धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और प्रभु श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। चोपन थाना क्षेत्र के कनछ में आयोजित रामलीला के दौरान ऐसा ही मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जब भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग करते ही पूरा रामलीला परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। धनुष यज्ञ के बाद भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों, आदिवासी वनबंधुओं और बच्चों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
*धार्मिक आयोजन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल*
कनछ में नवयुवकों के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में धनुष यज्ञ और श्रीराम-सीता विवाह के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के धनुष तोड़ने का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। जैसे ही शिवधनुष भंग हुआ, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। रामलीला के माध्यम से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करने की पहल की ग्रामीणों ने सराहना की।नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से ग्रामीणों को एक साथ जुड़ने और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। आयोजन स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
*रामलीला की सुरक्षा को लेकर ग्राम प्रधान ने उठाई आवाज*
रामलीला के शांतिपूर्ण एवं सकुशल आयोजन को लेकर कनछ के ग्राम प्रधान राजेश गौड़ ने पुलिस प्रशासन से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन में ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों की सहभागिता को देखते हुए सुरक्षा के समुचित इंतजाम जरूरी हैं, ताकि सभी लोग निर्भीक होकर कार्यक्रम में शामिल हो सकें और आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
*आयोजन में इनकी रही सहभागिता*
रामलीला समिति के आयोजन में बृज किशोर, नरेंद्र गुप्ता, अमृत विश्वास, विवेक गुप्ता, अखिलेश, शिवनाथ, अयोध्या, संजय मद्धेशिया, अविनाश और पवन पुरी सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।कनछ में रामलीला की गूंज केवल धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक जीवंतता और सामाजिक सहभागिता की भी तस्वीर पेश कर रही है।


जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles