
*वर्षों से टूटी बंधी बनी किसानों की राह में रोड़ा*
*वर्षों से टूटी बंधी बनी किसानों की राह में रोड़ा*
•~ पुल व पक्के संपर्क मार्ग के निर्माण की उठी मांग, बरसात में जान जोखिम में डालकर करते हैं आवागमन
सोनभद्र (विनोद मिश्रा /सेराज अहमद )
घोरावल विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सहुआर के मौजा तिवार में वर्षों से टूटी पड़ी बंधी किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बंधी क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास के किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्य के लिए आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। किसानों ने शासन- प्रशासन एवं क्षेत्रीयजनप्रतिनिधियों से टूटी बंधी के स्थान पर पुल अथवा पक्का रपटा तथा संपर्क मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है।किसान कृष्णमुरारी चौबे, शिवप्रसाद विश्वकर्मा, राजेंद्र पटेल, मोहन पटेल, लालबहादुर सिंह आदि ने बताया कि दशकों पूर्व सिंचाई के उद्देश्य से बनाई गई यह बंधी वर्षों पहले बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से आज तक इसकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की दिशा में कोई प्रभावी पहल नहीं की गई।
किसानों का कहना है कि क्षेत्र में चकबंदी नहीं होने के कारण पहले से ही खेती-किसानी में कई तरह की दिक्कतें हैं। वहीं, खेतों तक जाने वाले चकमार्गों पर अतिक्रमण अथवा उनके खेतों में तब्दील हो जाने से ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि वाहनों का आवागमन भी बाधित है। ऐसे में टूटी बंधी किसानों की परेशानी को और बढ़ा रही है।बरसात के मौसम में बंधी पर पानी अधिक हो जाने से किसानों को जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से होकर खेतों तक पहुंचना पड़ता है। इससे कभी भी गंभीर हादसा होने की आशंका बनी रहती है। किसानों के मुताबिक, समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
*किसानों ने लगाई विकास कार्य की गुहार*
क्षेत्रीय किसानों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि मौके का स्थलीय निरीक्षण कराकर टूटी बंधी पर पुल अथवा पक्का रपटा और खेतों तक पक्के संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए। किसानों का कहना है कि इससे न केवल कृषि कार्य में सुविधा होगी, बल्कि बरसात के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।











