
*गुरमा में तीन दिन से बूंद-बूंद पानी को तरसे नगरवासी, बिजली संकट ने बढ़ाई मुसीबत!*
*गुरमा में तीन दिन से बूंद-बूंद पानी को तरसे नगरवासी, बिजली संकट ने बढ़ाई मुसीबत!*
•~ समरसेबल की मरम्मत पूरी, लेकिन पाइप फिटिंग में लगेगा समय; पेयजल और बिजली संकट से लोगों में बढ़ता आक्रोश, जिम्मेदार विभागों की व्यवस्था पर उठे सवाल
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता*
गुरमा-सोनभद्र। चुर्क-गुरमा नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल और बिजली संकट ने नगरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार से शुक्रवार तक नलों से पानी नहीं आने के चलते घरों में पेयजल का संकट गहरा गया है। वहीं, बेमौसम बारिश के कारण पिछले दो दिनों से विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि एक तरफ लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली की आंखमिचौली ने दैनिक दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी है।
*पानी गायब, बिजली गुल—आखिर जनता जाए तो जाए कहां?*
नगर क्षेत्र में लगातार बनी इस दोहरी समस्या से आमजन त्रस्त हैं। पेयजल की आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, बिजली संकट के कारण रात में अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पाने से लोगों को संचार संबंधी परेशानियां भी उठानी पड़ रही हैं। बारिश के मौसम में बुनियादी सुविधाओं की इस बदहाली से नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
*तीन दिन से जलापूर्ति ठप, मरम्मत के बाद भी इंतजार*
जलापूर्ति बाधित होने के मामले में वाटर सप्लाई पंप ऑपरेटर संजय गोस्वामी ने बताया कि समरसेबल की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, पाइप फिटिंग का काम अभी बाकी है, जिसमें कुछ समय लगेगा। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह से जलापूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
*आश्वासन के बाद अब बहाली का इंतजार*
नगरवासियों को उम्मीद है कि शनिवार सुबह से जलापूर्ति बहाल होने पर उन्हें राहत मिलेगी। हालांकि, लगातार तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति ठप रहने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। वहीं, बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से संकट और गहरा गया है।नगरवासियों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए तथा विद्युत आपूर्ति में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। *अब देखना यह है कि शनिवार सुबह जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास कितना सफल होता है और बिजली संकट से नगरवासियों को कब तक राहत मिलती है।*











