
*लोढ़ी ट्रॉमा सेंटर की बदहाली पर आजाद समाज पार्टी ने उठाई आवाज*
*लोढ़ी ट्रॉमा सेंटर की बदहाली पर आजाद समाज पार्टी ने उठाई आवाज*
•~ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र, अव्यवस्थाओं और मरीजों की दुर्दशा पर जताई नाराजगी
*इंडिया न्यूज़ लाइव टीवी( सेराज अहमद /अवधेश कुमार गुप्ता )
सोनभद्र। जनपद के सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्रों में शामिल लोढ़ी स्थित ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर आजाद समाज पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। अस्पताल में कथित अव्यवस्थाओं, साफ-सफाई की कमी, चिकित्सकीय सुविधाओं की बदहाली और मरीजों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकांत ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की।
पार्टी ने मांगपत्र में आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने, लिफ्ट खराब रहने, पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने तथा चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों एवं उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पार्टी कार्यकर्ता जनसमर्थन के साथ धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
*मरीजों की परेशानी देखकर उठाया मुद्दा*
आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकांत के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को वह अपने एक मित्र के स्वास्थ्य की जानकारी लेने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। उनका मित्र वहां भर्ती था। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर और वार्डों में कथित गंदगी तथा विभिन्न व्यवस्थागत कमियों को देखा। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित करने का निर्णय लिया।मांगपत्र में कहा गया है कि सोनभद्र चार राज्यों की सीमाओं से जुड़ा जिला है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
*दस सूत्रीय मांगों में इन समस्याओं पर जोर*
आजाद समाज पार्टी की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गई हैं—
*साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था:*
ट्रॉमा सेंटर के सभी वार्डों, शौचालयों और बाथरूम की नियमित सफाई कराने तथा गंदगी की समस्या दूर करने की मांग की गई है। संगठन ने सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
*खराब लिफ्ट की मरम्मत:*
मांगपत्र में लिफ्ट बार-बार खराब होने का मुद्दा उठाते हुए इसे तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई है, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी न हो।
*शुद्ध पेयजल की सुविधा:*
ट्रॉमा सेंटर के वार्डों में मरीजों के लिए आरओ या वाटर कूलर की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
*आयुष्मान योजना के तहत इलाज:*
आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का नियमानुसार उपचार सुनिश्चित करने तथा मरीजों से बाहर से दवाएं मंगाने के मामलों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
*वार्डों में कूड़ेदान की व्यवस्था:* प्रत्येक वार्ड में मरीजों के बेड के पास कूड़ेदान उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जिससे गंदगी फैलने से रोका जा सके।
*इमरजेंसी में अनुभवी चिकित्सक की तैनाती:*
मांगपत्र में आरोप लगाया गया है कि इमरजेंसी वार्ड में दिन और रात के समय अनुभवी चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर समस्या है। संगठन ने व्यवस्था में सुधार और जरूरत के अनुरूप चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।
*ब्लड सैंपल जांच में तेजी:* भर्ती मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच समय से कराने और रिपोर्ट निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकने पर जोर दिया गया है।
*अस्पताल के भीतर दवाओं की उपलब्धता:*
ट्रॉमा सेंटर और ओपीडी के मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आवश्यक दवाएं अस्पताल के भीतर उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है।
*बिजली और जनरेटर की व्यवस्था:*
मांगपत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर का समुचित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि गंभीर मरीजों और आईसीयू में भर्ती लोगों को परेशानी न हो।
*कर्मचारियों की कमी और व्यवहार का मुद्दा:*
एल-2 भवन के वार्डों में स्टाफ की कमी दूर करने तथा मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
*मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी*
आजाद समाज पार्टी ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से सभी दस मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। जिलाध्यक्ष रविकांत ने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।पार्टी का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीज पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ वातावरण, समय पर जांच और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
*अब देखना यह है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन इन दस सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाता है और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।*











